लैंडलॉर्ड ऐप क्या होता है?
लैंडलॉर्ड ऐप आपकी प्रॉपर्टी, यूनिट, किरायेदार, किराया बिल, पेमेंट और रसीदें एक जगह रखता है और बिलिंग व रिमाइंडर अपने आप करता है। RentStalk एक ऐसा लैंडलॉर्ड ऐप है जो WhatsApp के अंदर चलता है — न आपको कुछ इंस्टॉल करना है, न आपके किरायेदार को।
- कोई डाउनलोड नहीं, कोई पासवर्ड नहीं — आपका WhatsApp नंबर ही अकाउंट है
- हर साइकिल पर मीटर रीडिंग से किराया और बिजली का हिसाब
- बिल और रिमाइंडर किरायेदार की भाषा में अपने आप
- पेमेंट रिकॉर्ड और वेरिफ़ाई; रसीद तुरंत
- सभी प्रॉपर्टी एक अकाउंट में, वेब डैशबोर्ड भी साथ
लैंडलॉर्ड ऐप क्या करता है
पूरा पोर्टफोलियो एक जगह
प्रॉपर्टी, यूनिट और कौन-सा कमरा खाली है — सब एक साथ।
किराया और बिजली का हिसाब
मीटर रीडिंग भेजिए, एजेंट किराया और बिजली जोड़ देता है। मुफ़्त कैलकुलेटर भी है।
बिल और ऑटोमैटिक रिमाइंडर
हर साइकिल पर बिल जाता है और रिमाइंडर खुद फॉलो-अप करते हैं — देखें किराया कलेक्शन।
बकाया और पेमेंट की स्थिति
पूछिए इस महीने किसका बाकी है — सभी बिल्डिंग का जवाब। देखें किराया ट्रैकिंग।
ज़रूरत पड़े तो वेब डैशबोर्ड
बड़ी स्क्रीन पर पूरा रिकॉर्ड देखने के लिए वेब ऐप भी उपलब्ध है।
सात भारतीय भाषाएँ
अंग्रेज़ी, हिन्दी, हिंग्लिश, हरियाणवी, भोजपुरी, मराठी और कन्नड़।
ज़्यादातर लैंडलॉर्ड सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल क्यों नहीं होता
प्रॉपर्टी मैनेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म आमतौर पर उन एजेंसियों के लिए बने होते हैं जो सैकड़ों यूनिट संभालती हैं — डैशबोर्ड, रोल, सेटिंग्स, ट्रेनिंग। छह कमरों वाला मकान मालिक उसे दो बार खोलता है और वापस कॉपी पर आ जाता है।
किरायेदार की तरफ़ हालत और खराब है। जो टूल किरायेदार से ऐप डाउनलोड और पासवर्ड माँगे, उसे ज़्यादातर लोग इस्तेमाल ही नहीं करते।
छोटे मकान मालिक को असल में क्या चाहिए
बड़े फ़ीचर हटा दें तो महीने का काम छोटा है: हिसाब लगाना कि किसका कितना बनता है, बताना, याद दिलाना, जो मिला उसका रिकॉर्ड रखना, और बाद में साबित कर पाना। बाकी सब वैकल्पिक है।
RentStalk यही पाँच काम करता है और वहीं रुक जाता है — इसीलिए यह एक चैट में समा जाता है।
लैंडलॉर्ड ऐप बनाम Excel शीट
Excel रिकॉर्ड रखने में ठीक है, पर वह कुछ करता नहीं — न बिल भेजेगा, न याद दिलाएगा, न बताएगा कि कौन-सी साइकिल बाकी है, न रसीद बनाएगा। यही काम असल में समय लेते हैं।
फ़र्क़ यह है कि Excel को आपको खोलना पड़ता है, जबकि एजेंट साइकिल खुद शुरू करता है। पूरा तरीका देखें WhatsApp किराया मैनेजमेंट में।
लैंडलॉर्ड ऐप कैसे शुरू करें
WhatsApp पर लैंडलॉर्ड एजेंट को मैसेज करें
WhatsApp लिंक पर टैप करके नमस्ते कहिए। कोई डाउनलोड नहीं, कोई फ़ॉर्म नहीं, कोई पासवर्ड नहीं — आपका नंबर ही अकाउंट है।
प्रॉपर्टी और यूनिट जोड़ें
प्रॉपर्टी का नाम, शहर और यूनिट बताइए। एजेंट पूरा पोर्टफोलियो सेव कर लेता है, यह भी कि कौन-सा कमरा खाली है।
किरायेदार और उनका किराया जोड़ें
हर किरायेदार का नाम, यूनिट, किराया और ड्यू डेट दीजिए। एजेंट उन्हें ऑनबोर्डिंग लिंक भेज देता है।
पूरा महीना चैट से चलाइए
बिल, रिमाइंडर, पेमेंट वेरिफिकेशन, रसीद और कमरा खाली मार्क करना — सब अपनी भाषा में लिखकर।
बड़ी तस्वीर के लिए वेब डैशबोर्ड
WhatsApp पर किया हर काम वेब ऐप में भी दिखता है, जहाँ आप पूरा पोर्टफोलियो और बिलिंग इतिहास देख सकते हैं।
अपना किराया चैट से चलाइए
एक मिनट से कम में पहली प्रॉपर्टी जोड़िए। कोई इंस्टॉल नहीं, कोई पासवर्ड नहीं, किरायेदार को कोई ट्रेनिंग नहीं।
लैंडलॉर्ड ऐप: आम सवाल
लैंडलॉर्ड ऐप क्या होता है?
लैंडलॉर्ड ऐप वह सॉफ़्टवेयर है जो मकान मालिक को किराये का काम चलाने में मदद करता है — प्रॉपर्टी, यूनिट और किरायेदारों का रिकॉर्ड, किराया बिल बनाना और भेजना, पेमेंट का पीछा करना, रसीदें रखना, और कौन-सी यूनिट खाली है यह ट्रैक करना। यह उस कॉपी, कैलकुलेटर और WhatsApp स्क्रॉल की जगह लेता है जो ज़्यादातर मकान मालिक आज इस्तेमाल करते हैं।
क्या कोई लैंडलॉर्ड ऐप बिना डाउनलोड किए चलता है?
हाँ। RentStalk WhatsApp के अंदर चलता है, इसलिए न आपको और न आपके किरायेदार को कुछ इंस्टॉल करना पड़ता है। आप लैंडलॉर्ड एजेंट को वैसे ही मैसेज करते हैं जैसे किसी इंसान को, और वह आपके असली अकाउंट पर काम करता है। वेब डैशबोर्ड भी है, पर वह वैकल्पिक है।
भारत में मकान मालिकों के लिए सबसे अच्छा ऐप कौन-सा है?
यह आपके पोर्टफोलियो के आकार पर निर्भर करता है। बड़ी एजेंसियों को पूरा प्रॉपर्टी-मैनेजमेंट सूट चाहिए। कुछ यूनिट वाले मकान मालिक को आमतौर पर चार चीज़ें चाहिए: किराया और बिजली का हिसाब, बिल और रिमाइंडर, पेमेंट रिकॉर्ड, और रसीदें। RentStalk इन्हीं पर ध्यान देता है और WhatsApp पर सात भारतीय भाषाओं में देता है।
क्या एक ही ऐप में कई प्रॉपर्टी संभाली जा सकती हैं?
हाँ। आपकी सभी बिल्डिंग, यूनिट और किरायेदार एक ही अकाउंट में रहते हैं। आप एक सवाल पूछ सकते हैं — जैसे इस महीने किसने किराया नहीं दिया — और जवाब सभी प्रॉपर्टी को मिलाकर आता है।
क्या दो-तीन यूनिट वाले छोटे मकान मालिक के लिए भी सही है?
यह बना ही उन्हीं के लिए है। न प्रति-सीट कीमत, न सेटअप प्रोजेक्ट, न कॉन्फ़िगरेशन। एक प्रॉपर्टी और एक किरायेदार जोड़िए और महीने का चक्र तुरंत चलने लगता है।
यह सॉफ़्टवेयर कौन-सी भाषाएँ समझता है?
अंग्रेज़ी, हिन्दी, हिंग्लिश, हरियाणवी, भोजपुरी, मराठी और कन्नड़। आप जिस भाषा में सहज हों उसमें लिखिए, और आपके किरायेदारों को बिल व रिमाइंडर उनकी पढ़ी जाने वाली भाषा में मिलेंगे।