किराए की रसीदों से HRA कैसे क्लेम करें
धारा 10(13A) के तहत HRA छूट तीन रकमों में से सबसे छोटी होती है: असल में मिला HRA, चुकाया गया किराया घटा वेतन का 10%, और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में वेतन का 50% या बाकी जगह 40%. यह सिर्फ उन वेतनभोगियों को मिलती है जिनके वेतन में HRA है, और सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था में. किराए की रसीदें मुख्य सबूत हैं, और साल का किराया ₹1,00,000 से ऊपर जाते ही मकान मालिक का PAN जरूरी हो जाता है.
छूट तीन रकमों में सबसे छोटी होती है
ज्यादातर गलत गणनाएं यहीं से शुरू होती हैं. लोग मान लेते हैं कि छूट उतनी है जितना किराया दिया, या उतनी जितना HRA कंपनी ने दिया. दोनों नहीं. धारा 10(13A) अलग-अलग निकाली गई तीन रकमों में से सबसे छोटी को छूट देती है — तो सबसे छोटी ही चलती है.
तीनों ये हैं: साल भर में असल में मिला HRA; आपने जो किराया सचमुच चुकाया उसमें से वेतन का 10% घटाकर; और वेतन का 50% अगर आप दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में रहते हैं, या बाकी कहीं भी वेतन का 40%.
यहां वेतन का एक खास मतलब है. यह है बेसिक पे, साथ में महंगाई भत्ता उस हद तक जहां तक वो रिटायरमेंट लाभों का हिस्सा बनता है, और टर्नओवर के तय प्रतिशत वाला कोई कमीशन. बाकी भत्ते इस आंकड़े में नहीं आते — इसीलिए ग्रॉस सैलरी लगाने से नतीजा बढ़ जाता है और ऐसा आंकड़ा बनता है जिसे विभाग स्वीकार नहीं करेगा.
एक उदाहरण
बेसिक पे ₹60,000 महीना, कोई DA नहीं, HRA ₹24,000 महीना, चुकाया गया किराया ₹25,000 महीना, रहना बेंगलुरु में. HRA के लिए सालाना वेतन ₹7,20,000.
| तीनों हिस्से | गणना | रकम |
|---|---|---|
| असल में मिला HRA | ₹24,000 × 12 | ₹2,88,000 |
| चुकाया किराया घटा वेतन का 10% | ₹3,00,000 − ₹72,000 | ₹2,28,000 |
| वेतन का 40% (नॉन-मेट्रो) | ₹7,20,000 का 40% | ₹2,88,000 |
तीनों में सबसे छोटी ₹2,28,000 है, तो उतनी छूट मिलेगी और बचा ₹60,000 HRA टैक्स योग्य रहेगा. यही व्यक्ति मुंबई में होता तो तीसरा हिस्सा ₹3,60,000 होता, पर जवाब फिर भी नहीं बदलता — क्योंकि सबसे छोटा दूसरा हिस्सा ही रहता.
किराए की रसीद में क्या होना चाहिए
इनमें से कुछ छूट जाने पर ही आम तौर पर नियोक्ता TDS निकालते वक्त क्लेम नामंजूर कर देता है.
- किराएदार के तौर पर आपका नाम और मकान मालिक का नाम.
- किराए की रकम और वो किस अवधि की है.
- किराए पर ली गई प्रॉपर्टी का पूरा पता.
- मकान मालिक के दस्तखत.
- ₹1 का रेवेन्यू स्टांप, जहां किराया नकद दिया गया हो और रसीद ₹5,000 से ज्यादा की हो.
- मकान मालिक का PAN, जब साल भर में आपका दिया किराया कुल मिलाकर ₹1,00,000 से ऊपर चला जाए.
₹1 लाख वाली PAN सीमा, और उसके बिना क्या होता है
साल का कुल किराया ₹1,00,000 पार करते ही — जो करीब ₹8,334 महीना ही है — आपको मकान मालिक का PAN बताना होता है. यह Form 12BB में जाता है, वही घोषणा जो आप छूट के लिए नियोक्ता को देते हैं.
उस सीमा से ऊपर PAN न देने पर नियोक्ता TDS काटते वक्त छूट देने से मना कर सकता है, और HRA बस वेतन की तरह टैक्स योग्य हो जाता है. कुछ मकान मालिक PAN इसीलिए नहीं देते कि इससे किराया उनकी आय के तौर पर दिखने लगता है. वो उनकी समस्या है, छूट के नियम में ढील की वजह नहीं: बताने की जिम्मेदारी आप पर है.
माता-पिता को किराया देना मान्य है और काफी आम भी, पर वो असली होना चाहिए. किराया सचमुच ट्रांसफर होना चाहिए, प्रॉपर्टी माता-पिता की होनी चाहिए, और उन्हें उस किराए को अपनी आय में दिखाना चाहिए. बिना पैसा चले कागजी इंतजाम वो किस्म का क्लेम है जो जांच में नहीं टिकता.
मुफ्त टूल जो आप इस्तेमाल कर सकते हैं
HRA: आम सवाल
HRA छूट कैसे निकाली जाती है?
तीन रकमों में से सबसे छोटी: असल में मिला HRA, चुकाया किराया घटा वेतन का 10%, और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई के लिए वेतन का 50% या बाकी जगह 40%. यहां वेतन का मतलब है बेसिक पे, साथ में रिटायरमेंट लाभों का हिस्सा बनने वाला महंगाई भत्ता, और टर्नओवर के तय प्रतिशत वाला कमीशन.
क्या नई टैक्स व्यवस्था में HRA क्लेम कर सकते हैं?
नहीं. धारा 10(13A) की HRA छूट धारा 115BAC वाली नई व्यवस्था में उपलब्ध नहीं है, और वही डिफ़ॉल्ट रूप से लागू होती है. क्लेम करने के लिए आपको पुरानी व्यवस्था में होना होगा, तो चुनने से पहले दोनों के नतीजे मिलाकर देखें.
क्या HRA क्लेम के लिए मकान मालिक का PAN अनिवार्य है?
साल भर में आपका दिया किराया कुल ₹1,00,000 से ऊपर जाते ही अनिवार्य हो जाता है, और वो Form 12BB में दर्ज होता है. उससे नीचे किराए की रसीदें काफी हैं. सीमा से ऊपर PAN न देने पर नियोक्ता वेतन पर TDS निकालते वक्त छूट देने से मना कर सकता है.
HRA के लिए कौन से शहर मेट्रो गिने जाते हैं?
सिर्फ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई, जहां तीसरा हिस्सा वेतन का 50% होता है. बाकी हर शहर — बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, गुरुग्राम और नोएडा सहित — नॉन-मेट्रो है और 40% लेता है.
क्या किराए की रसीद पर रेवेन्यू स्टांप चाहिए?
जहां किराया नकद दिया गया हो और रसीद ₹5,000 से ज्यादा की हो, वहां ₹1 का रेवेन्यू स्टांप अपेक्षित है. बैंक ट्रांसफर या UPI से किए भुगतान अपना अलग रिकॉर्ड छोड़ते हैं, और बैंक रिकॉर्ड रसीद का समर्थन करता है.
क्या माता-पिता को दिए किराए पर HRA क्लेम कर सकते हैं?
हां, बशर्ते इंतजाम असली हो. प्रॉपर्टी माता-पिता की होनी चाहिए, किराया सचमुच चुकाया जाना चाहिए, और उन्हें उसे अपने रिटर्न में आय के तौर पर दिखाना चाहिए. सिर्फ कागज पर मौजूद इंतजाम आकलन के दौरान आम निशाना होता है.
RentStalk पर
संदर्भित कानून
- The Income-tax Act, 1961 — Section 10(13A) (मकान किराया भत्ता)
- The Income-tax Rules, 1962 — Rule 2A (धारा 10(13A) की सीमाएं) और Form 12BB
- The Income-tax Act, 1961 — Section 115BAC (नई टैक्स व्यवस्था)
यह भारतीय टैक्स कानून की सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं. सीमाएं और व्यवस्था के नियम हर Finance Act के साथ बदलते हैं और आपकी स्थिति आपके वेतन ढांचे पर निर्भर है. incometax.gov.in पर या योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट से मौजूदा स्थिति की पुष्टि करें.