एक साथ कई किरायेदार कैसे जोड़ें?
प्रॉपर्टी खोलें, Manage Tenants दबाएँ, फिर Add multiple। हर यूनिट के लिए एक लाइन वाली ग्रिड खुलती है। पूरी बिल्डिंग में जो शर्तें एक जैसी हैं — सोसाइटी चार्ज, बिजली, नोटिस पीरियड, लॉक-इन — वो ऊपर एक बार सेट होती हैं; हर लाइन में सिर्फ़ यूनिट, नाम, फ़ोन, किराया, डिपॉज़िट और बिलिंग की शुरुआत भरनी होती है। 111-120 जैसी रेंज लिखें तो लाइनें नंबर के साथ बन जाती हैं। एक सबमिट में 50 तक किरायेदार बनते हैं और सबको WhatsApp पर मैसेज चला जाता है।
- एक बार में 50 किरायेदार तक
- एक जैसी शर्तें एक बार, हर कमरे के लिए दोबारा नहीं
- 111-120 जैसी रेंज से दस कमरे तुरंत
- कोई CSV फ़ाइल नहीं, कोई फेल इम्पोर्ट ठीक करने का झंझट नहीं
- इंटरनेट टूट जाए तो भी कोई दो बार नहीं जुड़ता
- बिजली किराए में शामिल हो या मीटर से — दोनों चलते हैं
एक साथ किरायेदार जोड़ने में क्या-क्या है
हर कमरे की एक लाइन
पचास फ़ॉर्म नहीं, एक ग्रिड — और 111-120 जैसी यूनिट रेंज लाइनें खुद बना देती है।
एक जैसी शर्तें एक बार
यूनिट टाइप, सोसाइटी चार्ज, बिजली, नोटिस पीरियड और लॉक-इन हर लाइन पर लगते हैं, और अगले बैच के लिए याद भी रहते हैं।
दोबारा दबाना सुरक्षित है
दोहरा फ़ोन नंबर और पहले से दी हुई यूनिट सेव होने से पहले पकड़े जाते हैं, और इंटरनेट टूटने पर दोबारा Add दबाने से कोई दूसरी बार नहीं जुड़ता।
बिल्डिंग के लिए बना
पचास कमरों का PG या हॉस्टल एक स्क्रीन है, पूरे दिन की डेटा एंट्री नहीं।
सीधे महीने के चक्र में
जुड़ते ही सबका बिल बन सकता है — ऑटोमैटिक रेंट बिलिंग चालू करें और महीने अपने आप चलते रहते हैं।
उनकी भाषा में मैसेज
किरायेदारों को अंग्रेज़ी, हिंदी, हिंग्लिश, हरियाणवी, भोजपुरी, मराठी या कन्नड़ में मैसेज जाता है।
एक-एक कर के जोड़ना बिल्डिंग पर क्यों नहीं चलता
एक किरायेदार जोड़ना छोटा काम है। चालीस जोड़ना चालीस छोटे काम नहीं होते — वही गिने-चुने खाने चालीस बार भरने पड़ते हैं, और उनमें से ज़्यादातर हर बार एक जैसे ही होते हैं। सोसाइटी चार्ज वही। बिजली का हिसाब वही। नोटिस पीरियड वही। असल में बदलते सिर्फ़ कमरा नंबर, नाम, फ़ोन और किराया हैं।
पूरी स्क्रीन इसी सोच पर बनी है: जो हिस्सा दोहराया जाता है वो ऊपर की पट्टी में निकाल कर एक बार लिखा जाता है, कमरा नंबर रेंज से बन जाते हैं, और भरने के लिए सिर्फ़ वही बचता है जो सचमुच अलग है।
स्प्रेडशीट अपलोड की जगह ग्रिड क्यों
CSV इम्पोर्ट सुनने में तेज़ लगता है, होता अक्सर नहीं। टेम्पलेट डाउनलोड करो, पता चले कॉलम का क्रम मायने रखता है, तारीख़ का फ़ॉर्मैट ठीक करो, दोबारा अपलोड करो — और लाइन 23 पर पता चले कि फ़ोन नंबर संख्या बन गया और शुरू का शून्य उड़ गया। काम ख़त्म नहीं हुआ, बस जगह बदल गई।
ग्रिड भरते वक़्त हर लाइन सामने रहती है। वही फ़ोन नंबर दो बार, या पहले से दी हुई यूनिट — जिस लाइन से टकरा रही है उसी के साथ निशान लग जाता है, सेव होने से पहले। और सबमिट के बीच में इंटरनेट चला जाए तो दोबारा Add दबाने पर काम वहीं से आगे बढ़ता है, दोहराता नहीं: हर बैच की अपनी key होती है, इसलिए कोई दो बार नहीं बनता।
PG और हॉस्टल के लिए एक साथ ऑनबोर्डिंग
ज़्यादातर PG में किराए में बिजली पहले से शामिल होती है — यानी कोई मीटर रीडिंग नहीं लेनी और हर महीने का बिल एक ही रकम। शेयर्ड पट्टी में बिजली को एक बार 'किराए में शामिल' कर दें, कमरे जोड़ें, और ऑटोमैटिक बिलिंग चालू कर दें — महीने का बिल बन कर WhatsApp पर चला जाता है, आपको ऐप खोलनी भी नहीं पड़ती।
जहाँ हर कमरे का अलग मीटर है, वहाँ बिजली मीटर वाली रखें और उसी पट्टी में प्रति यूनिट रेट डाल दें। फिर हर लाइन में उस कमरे की अभी की रीडिंग आती है, और उसके बाद हर बिल महीने की यूनिट से जुड़ता है।
कौन क्या कन्फ़र्म करेगा — एक बार तय कीजिए
जिन कमरों में लोग पहले से रह रहे हैं, वो किराए पर चढ़ाए जा रहे कमरों से अलग मामला है। इसलिए बैच में एक ही स्विच है: किरायेदारों को सीधे जोड़ें, या उन्हें बुलावा भेजें। चालू रहने दें तो सेव करते ही हर किरायेदारी शुरू हो जाती है — जानकारी पहले से आपके पास है — और फिर भी हर किरायेदार को WhatsApp पर स्वागत मैसेज जाता है। बंद कर दें तो हर किरायेदार को अपना ऑनबोर्डिंग लिंक मिलता है और वो अपनी जानकारी खुद कन्फ़र्म करता है, उसके बाद ही किरायेदारी शुरू होती है।
जिस प्रॉपर्टी पर रेंट एग्रीमेंट बनना सेट है, वहाँ किरायेदार हमेशा कन्फ़र्म करते हैं — दस्तख़त जो करने हैं। दोनों ही हाल में हर किरायेदार अपने WhatsApp नंबर के साथ जुड़ता है, इसलिए आगे हर बिल और रिमाइंडर वहीं जाता है जहाँ वो सच में पढ़ा जाता है। जुड़ने के बाद रिकॉर्ड में क्या-क्या रहता है, ये किरायेदार मैनेजमेंट में देखें।
बिल्डिंग भर जाने के बाद
एक बार सब जुड़ जाएँ तो महीना अपने आप चलता है: बिल बनते हैं, किराया आने तक रिमाइंडर जाते हैं, पेमेंट वेरिफ़ाई होती है और रसीद जाती है। एक अनाउंसमेंट आपकी चुनी हुई प्रॉपर्टीज़ के हर किरायेदार तक पहुँच जाता है — पानी बंद होने या किसी नियम की बात एक मैसेज है, चालीस नहीं।
पूरा चक्र रेंट कलेक्शन में है, और किसने दिया किसने नहीं ये रेंट ट्रैकिंग में।
यह कैसे काम करता है
प्रॉपर्टी खोलें और Manage Tenants दबाएँ
अपनी प्रॉपर्टी लिस्ट से वो बिल्डिंग खोलें जिसे आप भर रहे हैं। जो भी जुड़ेगा वो उसी प्रॉपर्टी के नीचे आएगा।
Add multiple दबाएँ
यह किरायेदारों की लिस्ट में नीचे गोल ऐड बटन के पास होता है। इससे एक-किरायेदार वाला फ़ॉर्म नहीं, ग्रिड खुलती है।
जो शर्तें सबमें एक जैसी हैं, एक बार सेट करें
ऊपर: कमरा या फ़्लैट, सोसाइटी चार्ज, बिजली मीटर से लगेगी (और प्रति यूनिट रेट) या किराए में शामिल है, नोटिस पीरियड और लॉक-इन महीने। एक बार सेट करें — सेव होते वक़्त यही हर किरायेदारी पर लग जाता है।
लाइनें बनाएँ — या यूनिट रेंज लिख दें
रेंज बॉक्स में 111-120 लिखें और दसों लाइनें नंबर के साथ अपने आप बन जाती हैं। या एक-एक कर के लाइन जोड़ें, एक बार में 50 तक।
सिर्फ़ वो भरें जो हर किरायेदार का अलग है
यूनिट, नाम, फ़ोन, किराया, डिपॉज़िट, बिजली मीटर से हो तो अभी की रीडिंग, और किस महीने से बिलिंग शुरू हो। Tab से ग्रिड में आगे बढ़ें। पहली लाइन की तारीख़ पूरे कॉलम में एक टैप में कॉपी हो जाती है।
एक बार सबमिट करें
सभी किरायेदार एक साथ बन जाते हैं और हर एक को WhatsApp पर मैसेज जाता है — सीधे जोड़ा है तो स्वागत मैसेज, वरना अपनी जानकारी कन्फ़र्म करने का ऑनबोर्डिंग लिंक।
पूरी बिल्डिंग एक बार में जोड़ें
एक बार शर्तें सेट करें, रेंज से कमरे बिछाएँ, और सबमिट करें। हर किरायेदार तक WhatsApp पर मैसेज पहुँच जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एक साथ कई किरायेदार कैसे जोड़ें?
प्रॉपर्टी खोलें, Manage Tenants दबाएँ, फिर Add multiple। हर यूनिट के लिए एक लाइन वाली ग्रिड मिलती है। जो शर्तें सब कमरों में एक जैसी हैं — सोसाइटी चार्ज, बिजली, नोटिस पीरियड, लॉक-इन — वो ऊपर एक बार सेट करें, फिर हर लाइन में यूनिट, नाम, फ़ोन, किराया, डिपॉज़िट और बिलिंग की शुरुआत भरें। एक सबमिट में सब बन जाते हैं और हर किरायेदार को WhatsApp पर मैसेज चला जाता है।
एक बार में कितने किरायेदार जोड़ सकते हैं?
एक सबमिट में 50 लाइनें तक। पचास कमरों का PG या हॉस्टल एक स्क्रीन में हो जाता है, पचास अलग-अलग फ़्लो में नहीं। बड़ी बिल्डिंग के लिए दोबारा सबमिट कर सकते हैं।
क्या कमरा नंबर एक-एक कर के लिखने पड़ेंगे?
नहीं। 111-120 जैसी रेंज लिखें और वो दसों लाइनें नंबर के साथ बन जाती हैं। एक पूरी मंज़िल बिछाने का यही सबसे तेज़ तरीका है — फिर आपको सिर्फ़ नाम और किराया भरना है।
क्या हर कमरे के लिए वही किराया और चार्ज दोबारा टाइप करने पड़ेंगे?
नहीं। यूनिट टाइप, सोसाइटी चार्ज, बिजली (मीटर से या किराए में शामिल), नोटिस पीरियड और लॉक-इन ऊपर एक बार सेट होते हैं और हर किरायेदारी पर कॉपी हो जाते हैं। हर लाइन में सिर्फ़ यूनिट, नाम, फ़ोन, किराया, डिपॉज़िट, मीटर रीडिंग और बिलिंग की शुरुआत भरनी होती है। ये सेटिंग उस प्रॉपर्टी के लिए याद भी रहती है, तो उसी बिल्डिंग का अगला बैच पहले से भरा हुआ खुलता है।
क्या यह CSV या Excel अपलोड है?
नहीं, और जानबूझकर नहीं। कोई फ़ाइल फ़ॉर्मैट नहीं करनी, कॉलम का क्रम नहीं मिलाना, और फेल हुआ इम्पोर्ट नहीं सुलझाना। आप स्क्रीन पर ग्रिड भरते हैं और हर लाइन टाइप करते वक़्त दिखती है — ग़लत किराया या छूटा यूनिट नंबर सेव होने से पहले ही दिख जाता है, चालीस रिकॉर्ड बन जाने के बाद नहीं।
अगर वही फ़ोन नंबर या यूनिट दो बार आ जाए तो?
वो लाइन सेव होने से पहले ही निशान लगा दी जाती है, और बता देती है किस लाइन से टकरा रही है — एक नंबर पर एक ही प्रॉपर्टी में दो किरायेदारी नहीं चल सकती, और एक यूनिट दो बार नहीं दी जा सकती। सेव करते वक़्त कुछ लाइनें फिर भी अटकें, तो जो बन गईं वो बनी रहती हैं और सिर्फ़ बाकी सुधारने के लिए वापस आती हैं।
50 किरायेदार जोड़ते वक़्त बीच में इंटरनेट चला जाए तो?
दोबारा Add दबा दें। हर बैच की अपनी key होती है, तो दोबारा दबाने पर वो वहीं से आगे बढ़ता है — किसी को दूसरी बार नहीं बनाता। स्प्रेडशीट इम्पोर्ट में यही सबसे बड़ी दिक्कत होती है, और यहाँ इसे शुरू से ही संभाला गया है।
क्या इस तरह जोड़े गए किरायेदार अपनी जानकारी खुद कन्फ़र्म करते हैं?
यह आपकी मर्ज़ी है, और पूरे बैच के लिए एक बार तय होती है। 'इन किरायेदारों को सीधे जोड़ें' चालू रहने दें तो सेव होते ही हर किरायेदारी शुरू हो जाती है — जब जानकारी पहले से आपके पास हो तब यही ठीक है — और फिर भी हर किरायेदार को WhatsApp पर स्वागत मैसेज जाता है। बंद कर दें तो हर किरायेदार को अपना ऑनबोर्डिंग लिंक मिलता है और वो अपनी जानकारी खुद कन्फ़र्म करने के बाद ही किरायेदारी शुरू होती है। अगर प्रॉपर्टी पर रेंट एग्रीमेंट बनना सेट है, तो किरायेदार हमेशा कन्फ़र्म करते हैं — दस्तावेज़ पर दस्तख़त जो करने हैं।
PG या हॉस्टल जहाँ बिजली किराए में शामिल है, वहाँ भी चलेगा?
हाँ, और यही सबसे आम स्थिति है। शेयर्ड सेटिंग में बिजली को एक बार 'किराए में शामिल' कर दें, फिर किसी लाइन पर मीटर रीडिंग माँगी ही नहीं जाती। उनका हर महीने का बिल एक तय रकम रहता है — ऑटोमैटिक रेंट बिलिंग ठीक इसी के लिए बनी है।
जो किरायेदार पहले से रह रहा है, उसका पुराना बिल बन सकता है?
हाँ। हर लाइन में बिलिंग किस महीने से शुरू हो यह चुना जाता है, और उसी लाइन पर एक विकल्प है कि उस पुरानी तारीख़ से बिल भी बना दिए जाएँ। न चुनें तो बिलिंग इसी महीने से शुरू होती है।
अगर एक कमरे की शर्तें बाकियों से अलग हों तो?
जो बिल्डिंग में एक जैसा है वो ऊपर भर दें, सबको जोड़ दें, फिर उस एक किरायेदारी को बाद में एडिट कर लें। शेयर्ड शर्तें सेव होते वक़्त हर किरायेदारी पर कॉपी हो जाती हैं, इसलिए उन्हें बाद में बदलने से पहले से जुड़े किरायेदार का हिसाब नहीं बदलता।
क्या दूसरे रेंटल ऐप में एक साथ किरायेदार जोड़ने की सुविधा है?
ज़्यादातर PG और रेंटल ऐप या तो एक बार में एक किरायेदार लेते हैं, या फ़ॉर्मैट की हुई CSV माँगते हैं। पहला बिल्डिंग के लिए धीमा है; दूसरे में काम सिर्फ़ स्प्रेडशीट ठीक करने में बदल जाता है। RentStalk इसे स्क्रीन पर भरी जाने वाली ग्रिड बनाता है — एक जैसी शर्तें ऊपर एक बार, और कमरा नंबर रेंज से अपने आप।